हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है.....

मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की,
बहला था दिल जरा कि फिर रात हो गयी।


 बताओ है कि नहीं मेरे ख्वाब झूठे,
कि जब भी देखा तुझे अपने साथ देखा।



आज ये पल है, कल बस यादें होंगी,
जब ये पल ना होंगे, तब सिर्फ बातें होंगी,
जब पलटोगे जिंदगी के पन्नों को,
तो कुछ पन्नों पर आँखें नम
और कुछ पर मुस्कुराहटें होंगी।




काश तू इतनी सी मोहब्बत निभा दे,
जब भी मैं रूठूँ तो तू मुझे मना ले।

 होठों ने सब बातें छुपा कर रखीं ……

आँखों को ये हुनर… कभी आया ही नहीं ……


 हालात ने तोड़ दिया हमें कच्चे धागे की तरह…
वरना हमारे वादे भी कभी ज़ंजीर हुआ करते थे..

 हालात की दलील देकर उन्होनें साथ छोङ़ा , तो हम आहत नहीं हुए ….,
सोचा हमसे ना सही , चलो किसी से तो वफ़ा निभाई उन्होने…

 हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ ;
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ .!

 हमें भुलाकर सोना तो तेरी आदत ही बन गई है,  सनम;
किसी दिन हम सो गए तो तुझे नींद से नफ़रत हो जायेगी।

 हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है।
उन्हे कैसे समझाऊ की एक ख्वाब अधुरा है मेरा…
वरना जीना तो मुझे भी आता है.



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