घाटी में चौपट शिक्षा जुलाई माह से कश्मीर घाटी में शुरू हुए बंद और हिंसक प्रदर्शनों के दौर के बीच जहाँ व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है वहीं घाटी में बच्चों की शिक्षा पूरी तरह से ठप हो गयी है. अलगाववादियों की तरफ से जिस तरह से स्कूलों को भी निशाने पर लिया जा रहा है वह अपने आप में बहुत ही चिंताजनक बात है क्योंकि जब ये बच्चे पढ़ने नहीं जा पायेंगें तो उनके आस पास चल रही हिंसक गतिविधों से लगाकर विरोध प्रदर्शनों तक का उन पर बुरा प्रभाव पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है. कई बार ऐसा देखने में भी आया है कि छोटे बच्चे भी अलगाववादियों और सुरक्षा बलों के संघर्षों में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं या फिर उनकी मृत्यु तक हो गयी है. इस परिस्थिति से निपटने के लिए आखिर किस स्तर पर प्रयास किये जाने की आवश्यकता है आज यह समझने की ज़रुरत तो है ही साथ ही आने वाले समय में इस तरह के माहौल में बच्चों को किस तरह से पूरी तरह से इससे बाहर रखा जाये एक नीति के तौर पर उस पर भी विचार किये जाने की तरफ सोचा जाना आवश्यक होता जा रहा है क्योंकि केवल घाटी को छोड़कर जम्मू, लद्दाख और सीमावर्ती जिलों में स्थिति पूरी तरह से ...
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दिवाली से पहले बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं। लोगों ने भी धनतेरस व दिवाली के लिए खरीदारियां शुरू कर दी हैं। इस बार बाजारों में पिछले सालों के मुकाबले काफी भीड़ दिखाई दे रही है व रौनक भी बाजार में लौट आई है। दूसरी तरफ खरीददार चाईनीज सामान से मुंह मोड़ रहे हैं तो वहीं मिटटी का सामान बेचने वालो के चेहरे पर काफी रौनक है। जानकारी के अनुसार दिवाली व धनतेरस की खरीददारियां अंबाला के बाजारों में भी शुरू हो चुकी है। इस बार लोग कुछ ज्यादा दिल खोलकर शोपिंग कर रहे हैं। अंबाला के बाजारों में पिछले सालों के मुकाबले इस बार व्यापार काफी अच्छा दिख रहा है तो बाजारों में काफी रौनक दिखाई दे रही है। अंबाला छावनी का राम बाजार हर त्यौहार पर सामान खरीदने के लिए लोगों की पहली पसंद बनता है क्योंकि यहां एक ही बाजार में पूजन से लेकर सजावट का सामान आसानी से एक ही जगह पर मिलता है। इसलिए इस बाजार में काफी अच्छी भीड़ दिखाई देती है। अंबाला के लोग इस बार स्वदेशी अपना कर ज्यादा खुश दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें बाजार से चाईनीज सामान इस बार गायब दिखाई दिया। वे भी चाईनीज से परहेज कर रहे हैं। बाजार मे...
मनदीप की शहादत पर दिवाली न मनाने की घोषणा
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कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र के गांव अंटेहड़ी में आज शहीद मनदीप सिंह का अंतिम संस्कार सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ किया गया है। शहीद मनदीप सिंह का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया है। उनके पैतृक गांव से उनकी अंतिम विदाई की गई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। सेना के अधिकारी ,शहीद मनदीप को गार्ड ऑफ ऑनर देने सेना के अधिकारी व एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एम.एस बिट्टा भी पहुंचे। शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शहीद मनदीप के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपए देने की घोषणा की है। वहीं, खट्टर ने शहीद के परिजनों से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि आपके बेटे का बदला लेंगे। दिवाली वाले दिन नए घर में जाने का सोचा था: भाई संदीप मनदीप के बड़े भाई संदीप का कहना है कि उन्होंने हाल ही में नई कोठी बनाई है। तय हुआ था कि दिवाली वाले दिन नए घर में शिफ्ट होंगे। मनदीप ने मई 2015 में नया घर बनवाना शुरू किया था। यह अब लगभग बनकर तैयार हो चुका है। शिफ्ट होने के लिए दिवाली को घर में पूजा रखी थी। बेटे की शहादत पर ...