दिवाली से पहले बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं। लोगों ने भी धनतेरस व दिवाली के लिए खरीदारियां शुरू कर दी हैं। इस बार बाजारों में पिछले सालों के मुकाबले काफी भीड़ दिखाई दे रही है व रौनक भी बाजार में लौट आई है। दूसरी तरफ खरीददार चाईनीज सामान से मुंह मोड़ रहे हैं तो वहीं मिटटी का सामान बेचने वालो के चेहरे पर काफी रौनक है।
जानकारी के अनुसार दिवाली व धनतेरस की खरीददारियां अंबाला के बाजारों में भी शुरू हो चुकी है। इस बार लोग कुछ ज्यादा दिल खोलकर शोपिंग कर रहे हैं। अंबाला के बाजारों में पिछले सालों के मुकाबले इस बार व्यापार काफी अच्छा दिख रहा है तो बाजारों में काफी रौनक दिखाई दे रही है। अंबाला छावनी का राम बाजार हर त्यौहार पर सामान खरीदने के लिए लोगों की पहली पसंद बनता है क्योंकि यहां एक ही बाजार में पूजन से लेकर सजावट का सामान आसानी से एक ही जगह पर मिलता है। इसलिए इस बाजार में काफी अच्छी भीड़ दिखाई देती है। अंबाला के लोग इस बार स्वदेशी अपना कर ज्यादा खुश दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें बाजार से चाईनीज सामान इस बार गायब दिखाई दिया। वे भी चाईनीज से परहेज कर रहे हैं।
बाजार में रौनक व शोपिंग करने वालों की बड़ी तादाद से दुकानदारों के चेहरे भी काफी खिले हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार उनका व्यापार काफी अच्छा चल रहा है। जितना बहिष्कार चाईनीज सामान का हुआ है उतना ही व्यापार मिटटी के सामान का बढ़ा है। लोग इस बार मिटटी का बना सामान ज्यादा खरीद रहे हैं क्योंकि यह भारतीय परम्परा का प्रतीक है। मिटटी के दियों की सेल बढ़ने से मिट्टी के सामान का व्यापर करने वाले काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इस बार लोग काफी मिटटी का सामान खरीद रहे हैं। जिससे उनका व्यापार इस बार अच्छा होगा इसके लिए वे प्रधानमंत्री का धन्यवाद कर रहे हैं नहीं तो यह काम बंद होने की कगार पर था।
इसके अतिरिक्त धनतेरस पर्व को लेकर फरीदाबाद के बजारों में भी रौनक छाई हुई है। लोग सुबह से ही खरीददारी में लगे हुए हैं। वहीं इस बार सोशल मीडिया पर हुए चाईना सामान के विरोध के चलते दुकानदारों को नुक्सान उठाना पड रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक सामान लेने से पहले पूछ रहा है कि कहीं सामान चाईनीज तो नहीं हैं, जिससे उनकी दुकानदारी प्रभावित हो रही है तो वहीं उन्हें खुशी भी है कि उनका देश अब आर्थिक रूप से मजबूत होगा। इस बार बाजार में मेड इन इंडिया के कई नए प्रोडेक्ट बाजार में आए हैं।
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